नई दिल्ली | NewsT24.com
4 दिसंबर: जिस तरह भारतीय नौसेना (Indian Navy) समंदर की गहराइयों में देश की सुरक्षा का अभेद्य किला बनाती है, ठीक उसी तर्ज पर आज दिल्ली की दम घोंटू हवाओं के खिलाफ पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। नौसेना दिवस के मौके पर आज राजधानी में ‘ऑपरेशन हरियाली’ (Green Drive) को अंजाम दिया गया।
यह महज एक पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ एक ‘यलगार’ थी, जिसका नेतृत्व खुद पूर्व कमांडो और शीर्ष पर्यावरण रक्षकों ने किया।

कमांडो स्टाइल में ‘ग्रीन मिशन’
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रहे आयोग के राष्ट्रीय प्रचार एंबेसेडर और दिल्ली कैंट के पूर्व विधायक, डॉ. सुरेन्द्र सिंह (कमांडो)। एक फौजी की वर्दी भले ही बक्से में हो, लेकिन जज्बा आज भी वही था। डॉ. सिंह ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा:
“एक सैनिक सीमा पर दुश्मन को नहीं घुसने देता, और एक जिम्मेदार नागरिक जहर को अपनी हवा में नहीं घुलने देता। आज नौसेना दिवस पर हमने शपथ ली है कि हम दिल्ली को प्रदूषण के चंगुल से आज़ाद कराएंगे। यह पौधों का रोपण नहीं, बल्कि धरती माँ के लिए हमारा ‘सुरक्षा कवच’ है।”

सेनापतियों का विजन: “ग्रीन दिल्ली, क्लीन दिल्ली”
आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री भारत शर्मा ने इस मुहीम को नई दिशा देते हुए कहा कि देशभक्ति का रंग सिर्फ तिरंगे में नहीं, हरियाली में भी दिखता है। उन्होंने कहा, “प्रकृति की सेवा ही सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा है।”
वहीं, राष्ट्रीय चेयरमैन श्री शैलेश गर्ग ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “हमें इंतज़ार नहीं करना कि सरकार क्या करेगी, हमें खुद आगे आकर ‘ग्रीन वारियर’ बनना होगा। आज का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘शुद्ध हवा’ की सौगात है।”
मैदान में डटे रहे ‘पर्यावरण के सिपाही’

NewsT24 की टीम ने देखा कि कैसे आयोग की कोर टीम ने भीषण प्रदूषण के बीच उम्मीद के पौधे रोपे। श्री मनीष गुप्ता, श्री कुलदीप भारद्वाज और सुश्री निकिता दहिया ने इस अभियान की रीढ़ बनकर काम किया। इन सदस्यों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पौधारोपण किया और स्थानीय लोगों को ‘ट्री-गार्ड’ बनने की शपथ दिलाई।
NewsT24 का नजरिया:
आज जब दिल्ली गैस चैंबर बनी हुई है, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग की यह पहल अंधेरे में जलते दीये के समान है। नौसेना दिवस पर लिया गया यह संकल्प बताता है कि असली ताकत विनाश में नहीं, ‘सृजन’ (Creation) में है।
हमारा सवाल: क्या आप भी बनेंगे इस ग्रीन आर्मी का हिस्सा? कमेंट बॉक्स में बताएं।



