Homeभारत: वन्य बीज और पौधों की निगरानी के लिए प्रथम डिजिटल मंच

भारत: वन्य बीज और पौधों की निगरानी के लिए प्रथम डिजिटल मंच


यह हरित-संकल्प मंच, भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के तहत शुरू किया है.

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने भारत के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के साथ तकनीकी सहयोग के तहत हरित-SANKALP के विकास में मदद की है.

आधिकारिक रूप से यह मंच मान्यता, नर्सरी ज्ञान और वनीकरण समन्वय प्रणाली कहलाता है. इसका उद्देश्य वन पौधशालाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, बीजों और पौधों की पूरी जानकारी दर्ज करना, और पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.

हरित-SANKALP एक केन्द्रीकृत डिजिटल व्यवस्था है जो, बीज से लेकर पौधे की आपूर्ति तक, पौधारोपण सामग्री के पूरे चरण की योजना, भंडार प्रबंधन, निगरानी और पूरी जानकारी दर्ज करने में मदद करती है.

इसमें, बीज के स्रोत, उसके प्रसंस्करण, नर्सरी में पौधे तैयार करने और अन्तिम आपूर्ति तक की हर जानकारी दर्ज होती है. इससे प्रान्तों के वन विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनता है और सही जानकारी के आधार पर निर्णय लिए जा सकते हैं.

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मंच की एक अहम विशेषता यह है कि सभी पंजीकृत इकाइयों को अलग-अलग पहचान संख्या दी जाती है. इनमें बीज उत्पादन क्षेत्र, बीज उद्यान, बीज प्रसंस्करण इकाइयाँ, बीज भंडारण इकाइयाँ और नर्सरियाँ शामिल हैं.

  ओडिशा के कालाहाण्डी ज़िले में झरनों की रक्षा के लिये वृक्षारोपण और कण्टूर-ट्रैंचिंग में शामिल एक आदिवासी महिला.

पौधों की बुकिंग की सुविधा

यह एक समान पहचान व्यवस्था के दोहराव को रोकती है, सभी प्रदेशों में समानता लाती है और पौधशालाओं से जुड़ी जानकारी का एक भरोसेमन्द स्रोत तैयार करती है.

इसके अलावा, यह मंच पौधों की पहले से बुकिंग करने की सुविधा भी देता है, जिससे ज़रूरत के अनुसार पौधों की समय पर आपूर्ति की व्यवस्था हो सके.

हरित-SANKALP ऐप, मैदानी स्तर पर निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, पौधशलाओं एवं पौधारोपण सामग्री के हर बैच के लिए स्वतः QR कोड बनाता है. इस कोड को स्कैन करने पर बीज के स्रोत, पौधशाला में अपनाई गई प्रक्रियाओं और आपूर्ति से जुड़ी पूरी जानकारी तुरन्त मिल जाती है.

पहले चरण में, वन विभाग की उन सभी पौधशालाओँ को इस मंच से जोड़ा जा रहा है, जो प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण से वित्तपोषित वनीकरण कार्यक्रमों के लिए पौधे उपलब्ध कराती हैं.

हर नर्सरी को एक अलग डिजिटल पहचान दी जा रही है. आगे चलकर, इस व्यवस्था का विस्तार वन विभाग की सभी नर्सरियों तक किया जा सकता है.

सुरक्षा व पहुँच

हरित-SANKALP में अलग-अलग ज़िम्मेदारियों के अनुसार बनाए गए डैशबोर्ड भी हैं. इनसे पौधशालाओं की क्षमता, पौधों की उपलब्धता, पहले से की गई बुकिंग और आपूर्ति की स्थिति की ताज़ा जानकारी, अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर मिलती है.

ऑनलाइन अग्रिम बुकिंग की सुविधा, पौधशाला में पौधों के उत्पादन को रोपण योजनाओं के साथ जोड़ने में मदद करती है, जिससे बेहतर योजना बनाना और मांग का अनुमान लगाना आसान होता है.

इस प्रणाली में अलग-अलग स्तरों पर पहुँच की सुविधा दी गई है, जिससे हर स्तर पर ज़िम्मेदारी के अनुसार जानकारी दर्ज की जा सकती है, मंज़ूरी की प्रक्रिया नियंत्रित रहती है और डेटा सुरक्षित रहता है.

संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन (FAO), भारत सरकार के साथ मिलकर, वानिकी और कृषि-वन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और टिकाऊ तरीक़ों को मज़बूत करने का काम कर रहा है.

हरित-SANKALP से भारत के वनीकरण कार्यक्रमों, कृषि-वन विकास और जलवायु सहनसक्षमता के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

ऐसी आशा भी है कि यह मंच वानिकी से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में कामकाज को बेहतर, ज़्यादा पारदर्शी और टिकाऊ बनाएगा.

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