यूएन एजेंसियों और पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (NDMA) ने बताया है कि 21 अगस्त तक 978 लोग घायल हुए, 2 हज़ार 400 से अधिक घरों को क्षति पहुँची और 1 हज़ार से अधिक मवेशियों का भी नुक़सान हुआ है.
संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों की समन्वय एजेंसी – ओचा के अनुसार, गम्भीर मौसम की स्थिति सितम्बर की शुरुआत तक जारी रहने की सम्भावना है, जिससे और अधिक बाढ़, भूस्खलन और फ़सल नुक़सान होने का ख़तरा बढ़ गया है.
ख़ैबर पख़्तूनख़्वा अधिक प्रभावित
देश के पश्चिमोत्तर प्रान्त, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में स्थिति सबसे गम्भीर है. 15 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश के कारण, बुनेर, शंगला और मनसेहरा सहित नौ ज़िलों में आपातकाल घोषित किया गया.
इस दौरान, इन ज़िलों में 368 लोग मारे गए, 182 घायल हुए और 1300 से अधिक घर नष्ट हुए हैं.
साथ ही, लगभग 100 स्कूलों के भी क्षतिग्रस्त होने की ख़बर है.
अन्तरराष्ट्रीय धर्मार्थ संगठन CARE ने बुनेर में व्यापक तबाही होने की ख़बर दी है, जहाँ परिवारों ने बताया कि पानी और मलबे की तेज़ धाराओं ने मिनटों में उनके घर और जीविका तबाह कर दिए.
बच्चों पर गम्भीर प्रभाव
बच्चों की स्थिति विशेष रूप से चिन्ताजनक है. विस्थापन, शिक्षा में बाधा और सुरक्षित जल की कमी, उनके स्वास्थ्य और जीवन पर गम्भीर ख़तरा उत्पन्न कर रहे है.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के अनुसार, 15 अगस्त के बाद ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में लगभग 21 बच्चे मारे गए.
कई स्कूल या तो नष्ट हो गए हैं या अस्थाई आश्रय स्थल के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा और सुरक्षित स्थानों तक पहुँच और भी कठिन हो गई है.
कराची में शहरी बाढ़
सिन्ध प्रान्त में 19 अगस्त को हुई भारी बारिश से, कराची में शहरी बाढ़ आई, जिसमें दीवार गिरने और बिजली का करंट लगने से छह लोगों की मौत हो गई.
शहर के कुछ हिस्सों में बारिश 145 मिमी तक दर्ज की गई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाक़ों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई.
वहीं, पंजाब प्रान्त में सिन्धु और चेनाब नदियों में बाढ़ के कारण, 2 हज़ार 300 से अधिक परिवार विस्थापित हुए और हज़ारों एकड़ ज़मीन में फैली (नक़दी) फ़सलें नष्ट हुई हैं.
राहत और मदद के प्रयास
संघीय और प्रान्तीय प्रशासन ने 2 हज़ार से अधिक कर्मियों को बचाव और निकासी के लिए तैनात किया है.
संयुक्त राष्ट्र और अन्य साझीदारों के साथ समन्वय करते हुए, प्रभावित इलाक़ों में भोजन, तम्बू और चिकित्सा सामग्री भेजे जा रहे हैं.
OCHA ने सबसे प्रभावित ज़िलों में क्षेत्रीय समन्वयक तैनात किए हैं, और स्वास्थ्य, जल, खाद्य सुरक्षा व आश्रय में जीवन रक्षक सहायता के लिए वित्तीय सहायता जारी की गई है.
UNICEF ने प्रभावित ज़िलों में आवश्यक दवाइयाँ और स्वच्छता किटें भेजी हैं, जिनमें साबुन, पानी के कंटेनर और अन्य स्वच्छता सामग्री शामिल हैं.
पाकिस्तान पिछले कुछ वर्षों में लगातार विनाशकारी मानसूनी मौसम का सामना कर रहा है.
साल 2022 में, बेमौसमी बाढ़ में 1700 से अधिक लोग मारे गए थे, लाखों लोग विस्थापित हुए थे और अनुमानतः 40 अरब डॉलर का आर्थिक नुक़सान हुआ.
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती अनियमित और तीव्र बारिश, देश की संवेदनशीलता को और बढ़ा रही है, जिससे जीवन, जीविका और दीर्घकालिक पुनर्वास पर ख़तरा मंडरा रहा है.



