Homeनेलसन मंडेला की विरासत को आगे बढ़ाना 'अब हमारी ज़िम्मेदारी है'

नेलसन मंडेला की विरासत को आगे बढ़ाना ‘अब हमारी ज़िम्मेदारी है’


यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, यूएन महासभा में अपने संबोधन में, दक्षिण अफ़्रीकी नागरिक अधिकारों के प्रतीक नेलसन मंडेला के असाधारण जीवन का जश्न मनाया. नेलसन मंडेला को, प्यार से उनके खोसा कुल के नाम – मदीबा से भी जाना जाता है.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “उन्होंने उत्पीड़न के क्रूर बोझ को सहन किया और प्रतिशोध व विभाजन के दृष्टिकोण के बजाय, सुलह, शान्ति और एकता के दृष्टिकोण के साथ उभरे.”

“आज, मदीबा की विरासत अब हमारी ज़िम्मेदारी है. हमें शान्ति, न्याय और मानवीय गरिमा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाना होगा.”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस विरासत का सम्मान करने के लिए, दो व्यक्तियों को वार्षिक नेलसन मंडेला पुरस्कार प्रदान किया.

यह पुरस्कार शान्ति और सामूहिक कार्रवाई के प्रति दिवंगत नेता की प्रतिबद्धता और निर्धनता व असमानता से निपटने की इस वर्ष के विषय को दर्शाते हैं. पुरस्कार पाने वालों के नाम हैं: कनाडा की ब्रेंडा रेनॉल्ड्स और केनया की कैनेडी ओडेडे.

ब्रेंडा रेनॉल्ड्स: दर्द में से कुछ कर दिखाने का रास्ता

कैनेडा की ब्रेंडा रेनॉल्ड्स को भी, 2025 के नेलसन मंडेला पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

ब्रेंडा रेनॉल्ड्स ने, कनाडा की एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में, दशकों तक आदिवासी लोगों के अधिकारों, मानसिक स्वास्थ्य और सदमा से प्रभावित लोगों की देखभाल को आगे बढ़ाने में काम किया है.

ब्रेंडा रेनॉल्ड्स ने अपने स्वीकृति भाषण में कहा, “हमने दोनों देशों में जो अनुभव किए हैं, उनमें कई समानताएँ हैं, जिनमें, सरकारों ने हमारी पहचान बदलने, उत्पीड़न का सामना करने और हमारे देशों में मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना करने के लिए प्रभावशाली नीतियाँ बनाईं.”

उन्होंने, 1988 में, सस्केचेवान में पहले आवासीय विद्यालय यौन शोषण मामले में, 17 किशोर लड़कियों को अपना समर्थन दिया था.

उन्होंने बताया, “इन आरोपों के बाद, कनाडा भर से यौन शोषण के पीड़ितों द्वारा अपने अनुभवों के बारे में बताए जाने की शुरुआत हुई. ये आरोप और जानकारियाँ, कनाडा में अब तक के सबसे बड़े सामूहिक मुक़दमा बन गए,” जिसे कनाडा के आदिवासी आवासीय विद्यालय समायोजन समझौते (IRSSA) के रूप में जाना जाता है.

कैनेडी ओडेडे: झुग्गी-झोपड़ियों से सीईओ तक का सफ़र

केनया के कैनेडी ओडेडे को भी, 2025 के नेलसन मंडेला पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

केनया में किबेरा नामक निर्धन बस्तियों में पले-बढ़े, कैनेडी ओडेडे ने, सड़क पर रहने से लेकर, वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है. उन्हें टाइम पत्रिका के 2024 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक नामांकित किया गया और उनका नाम, न्यूयॉर्क टाइम्स के लोकप्रिय लेखकों में शामिल हो गया.

कैनेडी ओडेडे ने अपने स्वीकृति भाषण में बताया, “मैं दस साल की उम्र में, घरेलू हिंसा से बचने के लिए, नैरोबी के आवारा बच्चों की क़तार में शामिल हो गया. एक दिन मैं भूख से बहुत परेशान था तो मैंने एक आम चुरा लिया.”

“भीड़ ने मुझे पीट-पीटकर मार डालने के हालात बना दिए, भीड़ शायद रुकने वाली नहीं थी, तभी एक अजनबी ने आगे आकर, उस आम की क़ीमत अदा कर दी. और उस व्यक्ति के इस दयालु कार्य ने मुझे दिखाया कि दयालुता, हिंसा के चक्र को रोक सकती है.”

उन्होंने एक कार्यकर्ता के रूप में अपनी यात्रा की शुरुआत, एक फ़ैक्टरी की मामूली आमदनी की बचत करके एक फ़ुटबॉल ख़रीदने और अपने समुदाय को एकजुट करने से की.

उन्होंने कहा, “वह गेंद सिर्फ़ खेलने के लिए नहीं थी; वह संगठित होने का एक साधन थी. एक ऐसा केन्द्र, जिसके इर्द-गिर्द एक समुदाय का निर्माण हो सकता था.”

यह प्रयास, जल्द ही शाइनिंग होप फ़ॉर कम्युनिटीज़ (SHOFCO) में तब्दील हो गया, जो केनया का सबसे बड़ा ज़मीनी आन्दोलन है, और कैनेडी ओडेडे, उसका नेतृत्व अब उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कर रहे हैं.

SHOFCO पूरे देश में सक्रिय है, स्थानीय समूहों को सशक्त बनाता है और सालाना 40 लाख से ज़्यादा लोगों को ज़रूरी सेवाएँ प्रदान करता है.

उन्होंने कहा, “SHOFCO में हम सभी को, मंडेला ने दिखाया कि नेतृत्व, केवल सत्ता में पैदा हुए लोगों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार नहीं है. यह उन सभी का अधिकार है जो सेवा करने और अपने भीतर झाँकने को तैयार हैं.”

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